18 मई 2020 - 11:18
अमरीका, विश्व व्यवस्था को तबाह करना चाहता है, ईरान के समुद्री जहाज़ों के ख़िलाफ़ कोई भी मूर्खतापूर्ण क़दम अमरीका को बहुत मंहगा प

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका की वर्तमान सरकार, विश्व व्यवस्था को तबाह करना और दुनिया में निराज फैलाना चाहती है कि जो सरकारों व राष्ट्रों के लिए ख़तरे की घंटी है।

सैयद अब्बास मूसवी ने सोमवार को एक पत्रकार सम्मेलन में अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की कुछ विध्वंसक कार्यवाहियों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि दुनिया के राष्ट्रों व सरकारों को वैश्विक मान्यताओं और अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों की रक्षा करनी चाहिए जिस पर संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र में बल दिया गया है। उन्होंने ईरान के तेल टैंकरों को रोकने की अमरीकी अधिकारियों की धमकियों को ढिठाई बताया और कहा कि अगर अमरीका को कोई देश पसंद नहीं है तो यह इस बात का कारण नहीं बन सकता कि वह अन्य देशों के बीच क़ानूनी लेन-देन में रुकावट डाले या उन पर प्रतिबंध लगाए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान के समुद्री जहाज़ों के ख़िलाफ़ किसी भी प्रकार के मूर्खतापूर्ण क़दम के नतीजे की ज़िम्मेदारी अमरीका पर होगी, कहा कि अगर अमरीकियों ने ईरान के समुद्री जहाज़ों की स्वंत्र व क़ानूनी आवाजाही के ख़िलाफ़ कोई भी कार्यवाही की तो उन्हें ईरान की ठोस प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

 

सैयद अब्बास मूसवी ने इसी तरह इराक़ व अफ़ग़ानिस्तान के राजनैतिक हालात पर ख़ुशी जताते हुए कहा कि इराक़ की सरकार को ईरान का पूरा समर्थन हासिल है और ईरान वह पहला देश था जिसने अफ़ग़ानिस्तान में राजनैतिक सहमतिक का स्वागत किया। उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में राजनैतिक सहमति तक पहुंचने में ईरान की भूमिका की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि कुछ देशों के विपरीत, जो कुछ निंदनीय लक्ष्य हासिल करने की कोशिश में हैं, सुरक्षित व स्थिर अफ़ग़ानिस्तान, ईरान की अहम प्राथमिकताओं में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सीरिया में ईरान की उपस्थिति के बारे में अमरीकी विदेश मंत्री के बयान के बारे में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, सीरिया की क़ानूनी सरकार के औपचारिक निमंत्रण पर सलाहकार के रूप में और आतंकवाद से संघर्ष के लिए इस दशे में मौजूद है और उसकी इस उपस्थिति से अमरीका व ज़ायोनी शासन का कोई लेना-देना नहीं है। मूसवी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि विश्व क़ुद्स दिवस समीप है, कहा कि फ़िलिस्तीन पर ज़ायोनियों के अवैध क़ब्ज़े और उनके अपराधों की समाप्ति तक इस दिन का आयोजन होता रहेगा।